आज ३० सितम्बर को जीवनऊर्जा के द्वारा १०००वें प्रश्न का समाधान दिया गया। वो भी तब जब जीवनऊर्जा पर नए पोस्ट नहीं डाले जा रहे हैं, मैं समझती हूं कि यह अपने आपमें जीवनऊर्जा के लिए बड़ी उपलब्धि है। जीवनऊर्जा यानि कि आप, मैं और वह हरेक व्यक्ति जो ऊर्जान्वित जीवन जीने की तमन्ना रखता है। आप सबको जीवनऊर्जा की तरफ से ढ़ेरो बधाई।

हम आपके प्रश्नों को पाकर एवम उनके समाधान की कोशिश कर अत्यंत प्रसन्न हो रहे हैं। आगे भी ये सिलसिला यूंही बना रहेगा। आप मुझे avgroup@gmail.com पर अपने सवाल यूंही भेजते रहें और जीवनऊर्जा से अपना स्नेह बनाएं रखें।

हमें यह बताते हुए भी हर्ष हो रहा है कि अब कुछ दिनो से हनी मनी नामक प्रत्रिका में भी जीवनऊर्जा के लेख नियमित रूप से हर महीने आने लगे हैं। उस पत्रिका के पाठको का स्नेह भी जीवनऊर्जा को वैसा ही मिल रहा है जैसा आपने दिया। ..... तहेदिल से शुक्रिया

July 20, 2008

कोलाइटिस का इलाज

कोलाईटिस, हालाँकि इसके लिये कोई खास मौसम जिम्मेदार नही होता है, परन्तु बरसात के मौसम मे जीवाणु, विषाणु से संक्रमण का खतरा बढ जाता है, इसलिये इस मौसम मे इस बीमारी से आमना-सामना हो जाता है, यही नही यह बीमारी आनुवांशिक तौर पर भी पीढी तर पीढी चलती जाती है, यह बीमारी कुछ दिनो मे भी ठीक हो सकती है और सालो भी लग जाते हैं, इसलिये जरूरी था कि इस बीमारी के इलाज पर चर्चा हो, इसके लिये विशेष धन्यवाद हमारे एक ब्लॉगर मित्र का भी है, जिन्होने मुझे इस पर लिखने को कहा।

मेरे पास कई कोलाइटिस के कई ऐसे मरीज आते हैं, जो इस तकलीफ़देह बीमारी को सालो से झेल रहे होते है, कितने ही इलाज कराने के बावजुद आराम नही मिलता है। कोलाइटिस का वैसे तो मानसिक भावना से कोई लेना-देना नही है फ़िर भी बहुत दिनो तक इस बीमारी से घिरे रहने के बाद लोग अवसाद ग्रस्त हो ही जाते हैं जो उनके ठीक होने मे बाधक बन सकता है।

काफ़ी मेहनत (मेरे और उन मरीजो/दोस्तो) के बाद हम इसके सफ़ल इलाज के तरफ़ बढे थे, मै उन दोस्तो का जरूर धन्यवाद देना चाहुँगी जिन्होने मुझपर यकिन किया, और ये जानने के बाद भी कि वो मेरे लिये कोलाइटिस के उन मरीजो मे से एक हैं, जिन पर मै प्रयोग कर रही हुँ, मेरे पास कोई प्रामाणिक इलाज नही है, मेरा साथ दिया, और इस बीमारी के समाधान को तलाशने मे मेरी हर संभव कोशिश की।

अब समाधान की तरफ़ आगे बढते हैं-


  1. सबसे पहले अपने खान पान का विशेष ध्यान रखना शुरू करिये, आप एक सुची भी बना सकते हैं कि आज आपने खाया, खाने के बाद तकलीफ़ बढी या कम हुई। ये सुची आपको अपने लिये सही भोजन चुनाव करने मे मदद करेगी।

  2. आपको इस रोग के दौरान मेडिटेशन की सख्त जरूरत है, किसी भी तकनीक वो मेडिटेशन करिये जो विषाणु संक्रमण पर कारगर हो, विशेषतः मैने देखा है कि, कलर प्रोजेक्शन तकनीक इस पर काम करती है।

  3. औरा हीलींग भी दैनिक करानी पडेगी, इसलिये आप किसी औरा हीलर मित्र को पकडिये, जो कम से कम शुल्क ले, क्योकि हीलींग सेसन काफी लम्बा हो सकता है।

  4. अपने साथ सात रंग के क्रिस्टल जरूर रखें (ऊर्जान्वित क्रिस्टल)।

  5. सफ़ेद पिरामीड मे रखे गये पानी का सेवन करें।

  6. हरे और सफ़ेद रंग के बोटल मे सुर्य चिकित्सा द्वारा तैयार पानी का सेवन करें।

इन सब तरीको को अपनायें, धीरे-धीरे आराम होने लगेगा, उसके बाद



  • वज्रासन शुरू करें।

  • कुछ दिनो बाद जालन्धर बन्ध के साथ प्राणायम शुरू करें।

  • स्वर साधना करें।

कुछ ही दिनो मे आप कोलाइटिस से छुटकारा पा लेंगे।


और कुछ पुछना हो तो आप बेफ़िक्र मुझे सम्पर्क कर सकते हैं।


और हाँ अगर आपको किसी विशेष रोग के समाधान की जरूरत है तो powerkeymeditation at gmail dot com पर लिखे भेजे या फ़िर यही कमेन्ट बाक्स मे बता दिजिये। हम यथा सम्भव सटीक समाधान लाने की पूरी कोशिश करेंगे।

2 comments:

  1. आभार इस जानकारी का.साधुवाद.

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  2. पिरामिड चिकित्सा के बारे में बता सकती हैं? earn_self@yahoo.co.in

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