आज ३० सितम्बर को जीवनऊर्जा के द्वारा १०००वें प्रश्न का समाधान दिया गया। वो भी तब जब जीवनऊर्जा पर नए पोस्ट नहीं डाले जा रहे हैं, मैं समझती हूं कि यह अपने आपमें जीवनऊर्जा के लिए बड़ी उपलब्धि है। जीवनऊर्जा यानि कि आप, मैं और वह हरेक व्यक्ति जो ऊर्जान्वित जीवन जीने की तमन्ना रखता है। आप सबको जीवनऊर्जा की तरफ से ढ़ेरो बधाई।

हम आपके प्रश्नों को पाकर एवम उनके समाधान की कोशिश कर अत्यंत प्रसन्न हो रहे हैं। आगे भी ये सिलसिला यूंही बना रहेगा। आप मुझे avgroup@gmail.com पर अपने सवाल यूंही भेजते रहें और जीवनऊर्जा से अपना स्नेह बनाएं रखें।

हमें यह बताते हुए भी हर्ष हो रहा है कि अब कुछ दिनो से हनी मनी नामक प्रत्रिका में भी जीवनऊर्जा के लेख नियमित रूप से हर महीने आने लगे हैं। उस पत्रिका के पाठको का स्नेह भी जीवनऊर्जा को वैसा ही मिल रहा है जैसा आपने दिया। ..... तहेदिल से शुक्रिया

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July 17, 2008

मधुमेह से बचने के तरीके

पिछली बार मे मैने मधुमेह का समाधान बताया था और ये भी कहा था कि अगले पोस्ट मे मधुमेह से बचने के तरीके के उपर बात होगी।

तो वादे के अनुसार मै यह तरीका लेकर उपस्थित हुँ।


  • अगर आप छोटे बच्चो के माता-पिता हैं और आपके फ़ैमिली ट्री मे मधुमेह है तो बच्चे के खाने को नियोजित करें, क्योंकि हो सकता है आप का लाड-प्यार या ये कहना कि अभी तो उम्र है इसके खाने की, आपके बच्चे को मधुमेह के शिकंजे मे फ़ंसा रही हो, आप ही समझिये कि भला ये कैसा प्यार है जो बच्चे को बीमारी का शिकार बनाये, भले रिजल्ट आज ना दिखे, पर दिखेगा तो।

  • २० साल की उम्र के बाद आप नियमित रूप से मधुमेह टेस्ट कराते जाईये, ये तब और जरूरी हो जाता है-


  1. आपके घर मे किसी और को मधुमेह हो।

  2. आपके जन्म के समय आपके माता-पिता को मधुमेह हो।

  3. आप औसत से ज्यादा मीठा खाते हैं।

  4. आपका वजन ज्यादा है।

  5. आप तनावग्रस्त रहते हैं।

आपके चेक अप कराते रहने से अलार्मिंग घडी के पहले ही आप सावधान हो सकते हैं, और सही वक्त पर समाधान ले सकते हैं। इतना ही नही आप तनावमुक्त होकर खाने का आनंद भी उठा सकते हैं।



  • जहाँ तक हो सके शक्कर के इस्तेमाल से बचे, शक्कर के इस्तेमाल से बचने का मतलब नही है कि आप मीठा नही खाये, बल्कि मीठा खाने का तरीका बदल दे, जैसे कि


  1. आजकल बाजार मे गुड से बनी मिठाईयाँ बहुत तादाद मे मिलती हैं, और शक्कर की अपेक्षा स्वादिष्ट भी होती हैं।

  2. कृत्रिम रासायनिक जुस पीने से अच्छा है कि आप घर पर निकाले ताजे फ़लो का जुस पीयें।

  3. खीर जैसे मीठे डिश मे शक्कर की जगह शहद का उपयोग करें।

  4. आईसक्रीम घर मे ही ताजे फ़लो का बनायें।

इस तरह की कितनी सारी और विधियाँ हैं जिनसे शक्कर का इस्तेमाल कम किया जा सकता है, क्योंकि प्रामाणिक तौर पर शक्कर यानि की चीनी, प्राकृतिक मिठास से ज्यादा खतरनाक होती है।



  • कभी भी एक साथ बहुतायात से मीठा ना खायें, बल्कि जो भी खाना हो उसे थोडा-थोडा करके नियोजित ढंग से खायें।

बस इतनी सी बातो को का अगर सही वक्त से ध्यान रखा जाये तो मधुमेह से हमेशा के लिये दुर रहा जा सकता है।


देखने मे भले ये छोटी-छोटी बाते हैं, पर हैं बहुत काम की चीज, तो उम्मीद है कि आप आगे से अपना ध्यान रखेंगे और मधुमेह से दुर रहेंगे।

July 09, 2008

प्रात काल पानी पीने के लाभ ..

नई और पुरानी बीमारी दूर करने का एक एक अच्छा उपाय सुबह सुबह पानी पीना है सुबह सूरज निकलने से पहले बिना मुहं धोये बिना मंजन किए प्रतिदिन ४ बड़े गिलास पानी पीने से यदि ताबे के बर्तन में रखा हो यह पानी तो और भी अच्छा बहुत लाभ होता है इस के बाद ब्रश करे परन्तु एक घंटे तक कुछ खाए पीये नही

खाने के साथ भी पानी कम पीये या अच्छा होगा की बिल्कुल न पीये इस से भोजन का पाचन ठीक से नही हो पाटा है और शरीर में कई रोग पैदा होने लगते हैं भोजन के २ घंटे बाद ही पानी पीना ठीक है यदि आप एक साथ ४ गिलास पानी न पी सके तो २ गिलास से शुरू करे जो लोग सुबह उठते ही पान बीडी आदि लेने लगते हैं उनको कब्ज हो जाती है यह उसके लिए एक सर्वोतम उपाय है

जब ऐसी चीजों की तलब लगे to नीम्बू पानी में नमक मिला कर ले ले इस के साथ अजवाइन सौंफ लेने से भी दोष दूर होते हैं हरड का उपयोग भी किया जा सकता है
सुबह सुबह नीम और तुलसी के ५ पत्ते सेवन करने से भी उस के साथ थोड़ा पानी पीने से कैंसर जैसे रोग से बचा जा सकता है
त्वचा पर पड़ी झुरियां ,सिरदर्द, मोटापा , उच्च रक्तचाप , हिरदय रोग ,निम्न रत्क्चाप , दमा , तपेदिक , मधुमेह पथरी , कब्ज भूख न लगना बुखार कई तरह के फोडे फुंसी जोडो का दर्द आदि कई रोग से धीरे धीरे मुक्ति मिलने लगती है
जब पानी पीने से सारे शरीर की सफाई हो जायेगी और शरीर में जब विषेले तत्व ही नही रहेंगे तो बीमारी कैसे पास आएगी इस से सारे शरीर में सफुर्ती भर जाती है सारा दिन काम करने की शक्ति बढ जाती है और यदि सुबह एक गिलासगुनगुने पानी में नीम्बू और शहद मिला कर पी लिए जाए तो मोटापा कम होने के साथ साथ चेहरे पर भी निखार आ जाता है ॥यह बातें हम अक्सर पढ़ते हैं कुछ दिन याद रखते हैं फ़िर भूल जाते हैं इन आदतों को नियमित कर लेना चाहिए इस लिए आपको याद दिलाने के लिए मैंने यह जगत जानी बात लिख दी है ॥ताकि जो इन्हे भूल रहे हैं वह याद रखे :)

July 07, 2008

बर्फ द्वारा उपचार

बर्फ का रोगों के उपचार में उपयोग कोई नई बात नही है पहाडी देशों में सर्द ऋतु में प्रथम हिमपात की बर्फ को वहां से रहने वाले खूब खाते हैं क्यूंकि उनका विश्वास है की इस बर्फ के कारण उन्हें वर्ष भर कोई रोग नही लगेंगे इसी प्रकार मैदानी प्रदेशों में ओलो को एकत्र कर के उनके पानी को जल को प्रयोग किया जाता है कुछ वर्षों से अमरीका में यह कोशिश हो रही है की अत्यन्त न्यूनतम तापक्रम उत्पादन की सहायता से स्वस्थ सम्बन्धी समस्याओं का उपचार किया जा सके और इस की सफलता से प्रेरणा पा कर अमरीकी डॉ कर्नल आथर ग्रांट ने इसका उपयोग दर्द में करने का निश्चय किया उन्होंने अनेक दर्द पीड़ित लोगों को दर्द स्थलों पर मला और इस के नतीजे अच्छे निकले असल में दर्द में जब बर्फ को मला जाता है तो स्थान शीतल हो जाता है और वहां पर शुन्यता का अनुभव होता है और इस से पीड़ा कम होने लगती है और धीरे धीरे समाप्त हो जाती है
बर्फ का प्रयोग जल जाने पर यदि उसी वक्त लगा दिया जाए तो उस जगह पीड़ा तो कम होती ही है किसी चाले के साथ कोई निशान भी नही पड़ता है इसका प्रयोग गठिया खून निकलने पर खरोच लगने पर लू लगने पर भी किया जाता है


इस के आलावा किसी के पास इस से सम्बंधित जानकारी हो तो वह यहाँ हमारे साथ जरुर बांटे .क्यूंकि ज्ञान बताने से और बढ़ता है :)

रंजू

May 21, 2007

जीवन उर्जा ......


जीवन उर्जा ......

ऊर्जा है तो जीवन है, या यूँ कहिये ऊर्जा ही जीवन है,

सम्पूर्ण ब्रम्हांड ऊर्जा से बना हूआ है और ऊर्जा मे स्थित है, अतएव जीवन में उर्जा ना हो तो ज़िंदगी चलना मुश्किल हो जाएगा।


हमारा शरीर भी एक ऊर्जा केंद्र है .. प्रत्येक व्यक्ति ऊर्जा-शक्ति की ईकाई है, बस ज़रूरत है उसको महसूस करके जगाने की
आज के प्रदूषण युक्त वातावरण में वातावरणीय दबाव, मानसिक तनाव के साथ आप्राकृतिक जीवन शैली के साथ मन शरीर और आत्मा को स्वस्थ बनाये रखना मुश्किल होता जा रहा है । इन सबका एक कारण है कि हर वस्तु, व्यक्ति की ऊर्जा अपने आपमे सम्पुर्ण और संतुलित होना चाहिये, पर आज के परिवेश मे इसका संतुलन बिगडता जा रहा है और यही संतुलित रखने का काम करते हैं।
लेकिन हमारेअसंतुलन सभी तरह के परेशानियों का केन्द्र बनता जा रहा है।
जिस तरह सभी समस्याओ का समाधान होता है, इस समस्या का सामाधान भी है, और वो समाधान अपने शरीर के ही अंदर विद्यमान है।

हमारे शरीर मे ऊर्जा के 7 केन्द्र यानि कि 7 चक्र है, जिनको जागृत करके सभी परेशानियो से निजात पाया जा सकता है

स्थूल रूप मे ये चक्र हमारे शारिरीक ऊर्जा और ब्रम्हांडीय ऊर्जा मे तारत्म्य स्थापित करके हमारे जीवन ऊर्जा को कितने ही कारणो से ये चक्र शुषुप्त अवस्था मे रहते हैं, अब जरूरत है इन चक्रो को जागृत अवस्था मे लाया जाये और अपने जीवन ऊर्जा को संतुलित किया जाये।

इस प्रक्रिया की कई विधिया है, हम इस कडी मे उन्ही विधियो पर बात करेंगे, और अपने जीवन को ऊर्जामय बनायेंगे।और अपने अन्दर छिपी इन शक्तियों को पहचाने साथ ही इन नियमों का पालन करे ताकि आपकी आत्मा उस उर्जा को ग्रहण करे
1..केवल आज के दिन मैं ग़ुस्सा नही करूँगा /करूंगी

2 केवल आज के दिन मैं चिंता नही करूंगी /करूँगा

3केवल आज के दिन में अपना काम ईमानदारी से करूँगा / करूंगी

4. केवल कुदरत कृपा का आभार मानूगा/ मानूगी

5. केवल आज के दिन मैं जीव मात्र से प्रेम करूँगा / करूंगी