आज ३० सितम्बर को जीवनऊर्जा के द्वारा १०००वें प्रश्न का समाधान दिया गया। वो भी तब जब जीवनऊर्जा पर नए पोस्ट नहीं डाले जा रहे हैं, मैं समझती हूं कि यह अपने आपमें जीवनऊर्जा के लिए बड़ी उपलब्धि है। जीवनऊर्जा यानि कि आप, मैं और वह हरेक व्यक्ति जो ऊर्जान्वित जीवन जीने की तमन्ना रखता है। आप सबको जीवनऊर्जा की तरफ से ढ़ेरो बधाई।

हम आपके प्रश्नों को पाकर एवम उनके समाधान की कोशिश कर अत्यंत प्रसन्न हो रहे हैं। आगे भी ये सिलसिला यूंही बना रहेगा। आप मुझे avgroup@gmail.com पर अपने सवाल यूंही भेजते रहें और जीवनऊर्जा से अपना स्नेह बनाएं रखें।

हमें यह बताते हुए भी हर्ष हो रहा है कि अब कुछ दिनो से हनी मनी नामक प्रत्रिका में भी जीवनऊर्जा के लेख नियमित रूप से हर महीने आने लगे हैं। उस पत्रिका के पाठको का स्नेह भी जीवनऊर्जा को वैसा ही मिल रहा है जैसा आपने दिया। ..... तहेदिल से शुक्रिया

December 03, 2008

सरवाईकल स्पोन्डिलाइटीस

Dear Sir,

Myself is Usha and I am working and suffering with Cervical Spondylosis and bronchitis. Please suggest me.

Regards!

USHA
उषा जी , आपने रोग के बारे मे मामुली ही जानकारी दी है,
महावातविध्वन्स रस १२५ मि. ग्रा., बृहत वात चिन्तामणि रस १२५ मि. ग्रा. , श्रंगाभ्ररस २५० मि. ग्रा. तथा सितोपलादि चुर्ण २ ग्रा. , इन सभी को अच्छी तरह मिला ले .तथा शहद के साथ यह मात्रा भोजन करने से पहले ले ,( सुबह और शाम). भोजन करने के बाद रास्ना सप्तक क्वाथ ३० मि. लि. तथा अजमोदादि चुर्ण २ ग्रा. ले.
मालिश करने के लिये पन्च्गुण तैल तथा महाविषगर्भ तैल का प्रयोग करे तथा रेत की पोट्ली से सेके।
व्ययाम करने के लिये अपने दोनो हाथो के गर्दन के पीछे रख कर गर्दन को पीछे की तरफ़ झुकाने की कोशिश करे।
लस्सी , बाजारु सोफ़्ट ड्रिन्क्स, बासी भोजन, तथा गरिष्ठ भोजन न ले ।
लगातार २ महीनो तक इन औषधियों का सेवन करे और पथ्य पालन करे ।

1 comment:

  1. आपका प्रयास सराहनीय है।

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